चित्रा नक्षत्र : इस नक्षत्र के देव त्वाशतव और स्वामी मंगल है | इस नक्षत्र के जातक शौकीन मिजाज होते हैं | अनेक विषयों में शौक होने के कारण ...
चित्रा नक्षत्र : इस नक्षत्र के देव त्वाशतव और स्वामी मंगल है | इस नक्षत्र के जातक शौकीन मिजाज होते हैं | अनेक विषयों में शौक होने के कारण ...
विचारों से सम और हर बात को पूरी तरह तौलकर देखने वाला जातक तुला राशि का होगा। हालांकि इस राशि पर शुक्र का आधिपत्य है, इस कारण तुला राशि के...
आर्थिक फ़ल मकान, जमीन.और सेवाओं वाले कार्य ही इनकी समझ मे अधिक आते हैं,कर्जा,दुश्मनी और बीमारी के प्रति इनका लगाव और सेवायें देखने को म...
यह राशि चक्र की छठी राशि है।दक्षिण दिशा की द्योतक है। इस राशि का चिह्न हाथ मे फ़ूल की डाली लिये कन्या है। इसका विस्तार राशि चक्र के १५० अं...
उत्तराफ़ाल्गुनी के दूसरे चरण के स्वामी सूर्य और शनि है। जो जातक को उसके द्वारा किये जाने वाले कार्यों के प्रति अधिक महत्वाकांक्षा पैदा करते...
कन्या राशि यह राशि चक्र की छठी राशि है।दक्षिण दिशा की द्योतक है। इस राशि का चिह्न हाथ मे फ़ूल की डाली लिये कन्या है। इसका विस्तार राशि चक्...
इस राशि के जातकों की वाणी और चाल में शालीनता पायी जाती है.इस राशि वाले जातक सुगठित शरीर के मालिक होते हैं.नॄत्य करना इनकी आदत होती है,अधिक...