इस राशि के जातकों की वाणी और चाल में शालीनता पायी जाती है.इस राशि वाले जातक सुगठित शरीर के मालिक होते हैं.नॄत्य करना इनकी आदत होती है,अधिक...
इस राशि के जातकों की वाणी और चाल में शालीनता पायी जाती है.इस राशि वाले जातक सुगठित शरीर के मालिक होते हैं.नॄत्य करना इनकी आदत होती है,अधिक...
इस राशि वाले जातक कठोर मेहनत करने के आदी होते हैं,और राशि के प्रभाव से धन के मामलों में बहुत ही भाग्यशाली होते हैं,पंचम राशि का प्रभाव कालप...
सिंह राशि शाही राशि मानी जा्ती है,सोचना शाही,करना शाही,खाना शाही,और रहना शाही,इस राशि वाले लोग जुबान के पक्के होते हैं,उनके अन्दर छछोडपन वा...
जिन व्यक्तियों के जन्म समय में चन्द्रमा सिंह लगन मे होता है, वे सिंह राशि के जातक कहलाते हैं. जो इस लगन में पैदा होते हैं वे भी इस राशि क...
मघा के प्रथम चरण का मालिक केतु-मंगल है,जो जातक में दिमागी रूप से आवेश पैदा करता है. द्वितीय चरण के मालिक केतु-शुक्र है,जो जातक में सजावटी ...
सिंह (Leo) राशि चक्र की पाचवीं राशि है.और पूर्व दिशा की द्योतक है.इसका चिन्ह शेर है.इसका विस्तार राशि चक्र के 120 अंश से 150 अंश तक है.सि...
कर्क जातक बचपन में प्राय: दुर्बल होते हैं,किन्तु आयु के साथ साथ उनके शरीर का विकास होता जाता है,चूंकि कर्क कालपुरुष की वक्षस्थल और पेट क...
कर्क जातक बडी बडी योजनाओं का सपना देखने वाले होते हैं,परिश्रमी और उद्यमी होते हैंउनको प्राय: अप्रत्यासित सूत्र या विचित्र साधनों से और अजन...
कर्क जातकों की प्रवॄति और स्वभाव समझने के लिये हमें कर्क के एक विशेष गुण की आवश्य ध्यान देना होगा,कर्क केकडा जब किसी वस्तु या जीव...
जिन जातकों के जन्म समय में निरयण चन्द्रमा कर्क राशि में संचरण कर रहा होता है,उनकी जन्म राशि कर्क मानी जाती है,जन्म के समय लगन कर्क राशि क...
राशि चक्र की यह चौथी राशि है,यह उत्तर दिशा की द्योतक है,तथा जल त्रिकोण की पहली राशि है,इसका चिन्ह केकडा है,यह चर राशि है,इसका विस्तार चक्र...
मिथुन राशि वालों का स्वास्थ्य कभी ठीक नही रहता है,लगातार दिमागी काम लेने से जैसे ही दिमाग में नकारात्मक प्रभाव का असर होता है फ़ौरन इनके प...
मिथुन राशि के जातक अधिक धन कमाने के चक्कर में लाटरी,शट्टेबाजी,शेयर बाजार,और कम्पनी प्रोमोटर के क्षेत्र में अपने को ले जाते हैं,और जल्दी ल...
सभी राशियों मे मिथुन राशि वालों को दुर्बोध माना जाता है.जैसा कि पहले बताया गया है कि इस राशि का निशान स्त्री और पुरुष का जोडा है,जब एक ही...
मिथुन राशि में जन्म लेने के बाद जातक मे चंचलता रहती है.शरीर बलबान नही रह पाता है,आंखों का रंग भूरा या नीला होता है,शरीर का रंग सांवला या ग...
मॄगसिरा नक्षत्र के तीसरे चरण के मालिक मंगल-शुक्र हैं.मंगल शक्ति और शुक्र माया है,जातक के अन्दर माया के प्रति बहुत ही बलवती भावना पायी जा...
राशि चक्र की यह तीसरी राशि है, इस राशि का प्रतीक युवा दम्पति है, यह द्वि-स्वभाव वाली राशि है,इसका विस्तार राशि चक्र के 60 अंश से 90 अंश क...
वॄष राशि वालो के लिये अपने ही अन्दर डूबे रहने की और आलस की आदत के अलावा और कोई बडी बीमारी नही होती है,इनमे शारीरिक अक्षमता की आदत नही होती...
इस राशि के जातको मे धन कमाने की प्रवॄति और धन को जमा करने की बहुत इच्छा होती है,धन की राशि होने के कारण अक्सर ऐसे जातक खुद को ही धन के प्र...
वृष राशि वाले जातक शांति पूर्वक रहना पसंद करते हैं,उनको जीवन में परिवर्तन से चिढ सी होती है,इस राशि के जातक अपने को बार बार अलग माहौल में ...
जब चन्द्रमा निरयण पद्धति से वॄष राशि में होता है तो जातक की वॄष राशि मानी जाती है,जन्म समय में जन्म लगन वॄष होने पर भी यही प्रभाव जातक पर ...
कॄत्तिका के दूसरे चरण और तीसरे चरण के मालिक सूर्य-शनि,जातक के जीवन में पिता पुत्र की कलह फ़ैलाने मे सहायक होते है,जातक का मानस सरकारी क...
राशि चक्र की यह दूसरी राशि है,इस राशि का चिन्ह "बैल" है, बैल स्वभाव से ही अधिक पारिश्रमी और बहुत अधिक वीर्यवान होता है, साधारण...
स्वास्थ्य और रोग - अधिकतर मेष राशि वाले जातकों का शरीर ठीक ही रहता है,अधिक काम करने के उपरान्त वे शरीर को निढाल बना लेते हैं,मंगल के माल...
आर्थिक गतिविधियां - मेष जातकों के अन्दर धन कमाने की अच्छी योग्यता होती है,उनको छोटे काम पसंद नही होते हैं,उनके दिमाग में हमेशा बडी बडी यो...
मेष प्रकॄति- मेष अग्नि तत्व वाली राशि है,अग्नि त्रिकोण (मेष,सिंह,धनु) की यह पहली राशि है,इसका स्वामी मंगल अग्नि ग्रह है,राशि और स्वामी ...
मेष (Aries) लगन - जिन जातकों के जन्म समय में निरयण चन्द्रमा मेष राशि में संचरण कर रहा होता है,उनकी मेष राशि मानी जाती है,जन्म समय में ...
नक्षत्र चरणफल - अश्विनी भदावरी ज्योतिष नक्षत्र के प्रथम चरण के अधिपति केतु-मंगल जातक को अधिक उग्र और निरंकुश बना देता है.वह किसी की जर...
मेष (Aries) - राशि चक्र की यह पहली राशि है,इस राशि का चिन्ह ”मेढा’ या भेडा है,इस राशि का विस्तार चक्र राशि चक्र के प्रथम 30 अंश तक (कुल...
चन्द्र के साथ इसकी मित्रता है.अमावस्या के दिन यह अपने आगोश में ले लेता है. मंगल भी सूर्य का मित्र है. बुध भी सूर्य का मित्र है तथा हमेश...
भारतीय ज्योतिष में सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है.सूर्य से सम्बन्धित नक्षत्र कृतिका उत्तराषाढा और उत्तराफ़ाल्गुनी हैं.यह भचक्र की पा...
09409561934 इस रथ का विस्तार नौ हजार योजन है। इससे दुगुना इसका ईषा-दण्ड (जूआ और रथ के बीच का भाग) है। इसका धुरा डेड़ करोड़ सात लाख योज...
सूर्य भगवान की चाल पन्द्रह घड़ी में सवा सौ करोड़ साढ़े बारह लाख योजन से कुछ अधिक है। उनके साथ-साथ चन्द्रमा तथा अन्य नक्षत्र भी घूमते रहत...
"हे राजन्! सूर्य की परिक्रमा का मार्ग मानसोत्तर पर्वत पर इंक्यावन लाख योजन है। मेरु पर्वत के पूर्व की ओर इन्द्रपुरी है, दक्षिण की ओर ...
श्रीमदभागवत पुराण में श्री शुकदेव जी के अनुसार:- भूलोक तथा द्युलोक के मध्य में अन्तरिक्ष लोक है। इस द्युलोक में सूर्य भगवान नक्षत्र तारो...
वेदों में सूर्य को जगत की आत्मा कहा गया है.समस्त चराचर जगत की आत्मा सूर्य ही है.सूर्य से ही इस पृथ्वी पर जीवन है,यह आज एक सर्वमान्य सत्य...
मेष – पुरुष जाति, चरसंज्ञक, अग्नि तत्व, पूर्व दिशा की मालिक, मस्तक का बोध कराने वाली, पृष्ठोदय, उग्र प्रकृति, लाल-पीले वर्ण वाली, कान्ति...
Aum Jyotish Kendra Effects of micro hyper-bustling universe also does on Earth, solar and Lunar's direct impact we can easily...
In today's Era there are many people facing various t roubles in their busy life and after creating a new circumstances or problem t...