वॄष राशि वालो के लिये अपने ही अन्दर डूबे रहने की और आलस की आदत के अलावा और कोई बडी बीमारी नही होती है,इनमे शारीरिक अक्षमता की आदत नही होती...
वॄष राशि वालो के लिये अपने ही अन्दर डूबे रहने की और आलस की आदत के अलावा और कोई बडी बीमारी नही होती है,इनमे शारीरिक अक्षमता की आदत नही होती...
इस राशि के जातको मे धन कमाने की प्रवॄति और धन को जमा करने की बहुत इच्छा होती है,धन की राशि होने के कारण अक्सर ऐसे जातक खुद को ही धन के प्र...
वृष राशि वाले जातक शांति पूर्वक रहना पसंद करते हैं,उनको जीवन में परिवर्तन से चिढ सी होती है,इस राशि के जातक अपने को बार बार अलग माहौल में ...
जब चन्द्रमा निरयण पद्धति से वॄष राशि में होता है तो जातक की वॄष राशि मानी जाती है,जन्म समय में जन्म लगन वॄष होने पर भी यही प्रभाव जातक पर ...
कॄत्तिका के दूसरे चरण और तीसरे चरण के मालिक सूर्य-शनि,जातक के जीवन में पिता पुत्र की कलह फ़ैलाने मे सहायक होते है,जातक का मानस सरकारी क...
राशि चक्र की यह दूसरी राशि है,इस राशि का चिन्ह "बैल" है, बैल स्वभाव से ही अधिक पारिश्रमी और बहुत अधिक वीर्यवान होता है, साधारण...
स्वास्थ्य और रोग - अधिकतर मेष राशि वाले जातकों का शरीर ठीक ही रहता है,अधिक काम करने के उपरान्त वे शरीर को निढाल बना लेते हैं,मंगल के माल...
आर्थिक गतिविधियां - मेष जातकों के अन्दर धन कमाने की अच्छी योग्यता होती है,उनको छोटे काम पसंद नही होते हैं,उनके दिमाग में हमेशा बडी बडी यो...
मेष प्रकॄति- मेष अग्नि तत्व वाली राशि है,अग्नि त्रिकोण (मेष,सिंह,धनु) की यह पहली राशि है,इसका स्वामी मंगल अग्नि ग्रह है,राशि और स्वामी ...
मेष (Aries) लगन - जिन जातकों के जन्म समय में निरयण चन्द्रमा मेष राशि में संचरण कर रहा होता है,उनकी मेष राशि मानी जाती है,जन्म समय में ...
नक्षत्र चरणफल - अश्विनी भदावरी ज्योतिष नक्षत्र के प्रथम चरण के अधिपति केतु-मंगल जातक को अधिक उग्र और निरंकुश बना देता है.वह किसी की जर...
मेष (Aries) - राशि चक्र की यह पहली राशि है,इस राशि का चिन्ह ”मेढा’ या भेडा है,इस राशि का विस्तार चक्र राशि चक्र के प्रथम 30 अंश तक (कुल...